रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया नहीं, जानिए राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

शिवपुरी। 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया जरूर रहेगा, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. विकासदीप शर्मा के अनुसार, शास्त्रों में मान्यता है कि जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल मान्य नहीं होता। ऐसे में भारत में रक्षाबंधन के पर्व पर ग्रहण का कोई अशुभ प्रभाव नहीं माना जाएगा।
पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 9:08 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार भद्रा का भी संयोग नहीं है, इसलिए बहनें शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकेंगी।
राखी बांधने का सबसे शुभ समय सुबह 6:03 बजे से 10:42 बजे तक रहेगा। इस दौरान चर, लाभ और अमृत चौघड़िया का संयोग रहेगा। इसके अलावा दोपहर 12:15 बजे से 1:47 बजे तक अभिजीत मुहूर्त तथा शाम 5:35 बजे से 7:05 बजे तक गोधूलि वेला भी शुभ मानी गई है।
शाम 4:53 बजे से 6:26 बजे तक चर चौघड़िया और शाम 6:21 बजे से रात 8:48 बजे तक प्रदोष वेला रहेगी।
राहुकाल में राखी बांधने से बचें। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:15 बजे के बीच राहुकाल रहेगा। इस दौरान रक्षासूत्र बांधने से बचने की सलाह दी गई है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. विकासदीप शर्मा ने बताया कि भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां सूतक आदि मान्य नहीं होगा। इसलिए श्रद्धालु बिना किसी संशय के रक्षाबंधन का पर्व मना सकते हैं।

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