बारिश में टेंट-तिरपाल के सहारे अंतिम संस्कार, वर्षों से मुक्तिधाम की दरकार

सिमर एक्सप्रेस संवाददाता
करैरा जनपद की ग्राम पंचायत जुझाई के हाथरस गांव में बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। गांव में मुक्तिधाम नहीं होने से सोमवार को 90 वर्षीय रजिया लोधी पत्नी सुन्ना लोधी का अंतिम संस्कार खुले में करना पड़ा। बारिश से चिता को बचाने के लिए परिजनों ने किराए का टेंट लगवाया और उसके ऊपर तिरपाल डालकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की।
हर बारिश में यही परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि हाथरस गांव में मुक्तिधाम नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार के दौरान हर बार इसी तरह टेंट और तिरपाल का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के बीच अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया पूरी करने में परिजनों और ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
पंचायत में दो मुक्तिधाम, फिर भी हाथरस वंचित
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत जुझाई में दो मुक्तिधाम हैं, लेकिन हाथरस गांव में अब तक मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में गांव के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण लंबे समय से गांव में स्थायी मुक्तिधाम बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।
जमीन है, कब्जे के कारण अटका निर्माण
ग्राम पंचायत जुझाई की सरपंच अंगूरी जगदीश कोली ने बताया कि हाथरस गांव में मुक्तिधाम निर्माण के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध है। हालांकि जमीन पर कब्जा होने के कारण अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जल्द ही जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाएगा। इसके बाद मुक्तिधाम निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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