प्रतिमा को काले कपड़े से ढककर किया अपमान, पोहरी में मचा हड़कंप

पुण्यतिथि से एक दिन पहले अज्ञात लोगों ने दिया घटना को अंजाम, पुलिस ने शुरू की जांच

पोहरी सिमर एक्सप्रेस देवेंद्र जैन
पोहरी। वर्तमान पोहरी के विकास और सामाजिक उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पंडित गोपालकृष्ण पौराणिक की प्रतिमा को काले कपड़े से ढकने का मामला सामने आया है। पुण्यतिथि से ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना से क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे सामाजिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार आदर्श विद्यालय परिसर में स्थापित पंडित गोपालकृष्ण पौराणिक की प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने काले कपड़े से ढक दिया। सुबह भ्रमण के लिए निकले स्थानीय लोगों की नजर जब प्रतिमा पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और आदर्श सेवा संघ ट्रस्ट के पदाधिकारियों को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

पोहरी मंडल अध्यक्ष आशुतोष जैमिनी ने बताया कि सुबह उन्होंने प्रतिमा को काले कपड़े से ढका हुआ देखा। उनका आरोप है कि जब उन्होंने मामले को लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया तो कथित तौर पर जानकारी देने से इनकार किया गया। जैमिनी के अनुसार मामले की सूचना पुलिस को देने से भी रोकने का प्रयास किया गया, हालांकि आसपास के स्थानीय निवासियों ने पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया।

पुलिस अब प्रतिमा को काले कपड़े से ढकने वाले अज्ञात लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है।

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पंडित पौराणिक ने खड़ा किया था सेवा और शिक्षा का तंत्र

उल्लेखनीय है कि आदर्श सेवा संघ की स्थापना पंडित गोपालकृष्ण पौराणिक द्वारा की गई थी। संघ के माध्यम से आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खादी भंडार सहित विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की गई, जहां युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता था। पोहरी के सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास में उनके योगदान को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता है।

इधर, स्थानीय स्तर पर आदर्श सेवा संघ की संपत्तियों और जमीनों को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कुछ स्थानीय लोगों द्वारा ट्रस्ट से जुड़ी जमीनों के विक्रय को लेकर भी आपत्तियां जताई गई हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रतिमा के साथ हुई घटना और संपत्तियों से जुड़े आरोपों को लेकर अब पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुण्यतिथि से ठीक पहले प्रतिमा के साथ हुई इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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